Friday, August 19, 2011

नवेन्दु कुमार झा १. राहुलक मिशन बिहारसँ बढ़ल सत्ता आ विपक्षक परेशानी:मिथिलांचलक भूमिसँ कांग्रेसक युवराज कएलनि चुनावी शंखनाद २. दू वर्ष पूरा कएलक मैथिली

नवेन्दु कुमार झा १. राहुलक मिशन बिहारसँ बढ़ल सत्ता आ विपक्षक परेशानी:मिथिलांचलक भूमिसँ कांग्रेसक युवराज कएलनि चुनावी शंखनाद २. दू वर्ष पूरा कएलक मैथिली दैनिक मिथिला समाद

१.
राहुलक मिशन बिहारसँ बढ़ल सत्ता आ विपक्षक परेशानी:मिथिलांचलक भूमिसँ कांग्रेसक युवराज कएलनि चुनावी शंखनाद
अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटीक महासचिव राहुल गाँधी मिथिलांचलसँ कांग्रेसक चुनावी अभियान प्रारम्भ कऽ सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबन्धनक घटक भाजपा आ जद यू तथा विपक्षी राजद-लोजपा गठबंधनक बेचैनीकेँ बढ़ा देलनि अछि। पछिला दू दशकसँ प्रदेशक राजनीतिमे कतिआएल कांग्रेसक युवराज श्री गाँधी मिशन बिहारक अन्तर्गत पार्टीक नेता सभकेँ सक्रिय कएने छथि। एहिसँ पहिनहु श्री गाँधी बिहारक दौरापर आएल छलाह तँ मिथिलांचलक हृदयस्थली दरभंगाक दौराक बिहार राजनीतिक हबा-बयार नेने छलाह। हुनक ओहि दौराक बाद प्रदेशमे कांग्रेसक प्रति आकर्षण बढ़ल अछि। संगहि युवा कांग्रेसक पदाधिकारीक मनोनयनक जे परम्परा छल ओकरा समाप्त कऽ सीधा चुनाव जे करौलनि एहिसँ प्रखण्ड स्तरसँ प्रदेश स्तर धरि युवा नेताक नव समूह ठाढ़ भेल अछि आ ई कांग्रेसक भविष्यक रूपमे अछि।
श्री गांधीक बिहार दौराक संगहि प्रदेशमे चुनाबी अभियान प्रारम्भ भऽ गेल। ओ अपन एक दिवसीय दौराक क्रममे कोसी क्षेत्रक सहरसा आ समस्तीपुरमे जनसभाकेँ संबोधित कएलनि। श्री गांधी एहि दरमियान पूरा तरहे युद्धक लेल तैयार बुझि पड़लाह। ओ एक दिस मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आ हुनक सरकारपर हमला कएलनि तँ दोसर दिस एहि बेरक चुनावमे महत्वपूर्ण भूमिकाक निर्वाह करबाक लेल तैयार युवा पीढ़ीकेँ संग जोड़बाक प्रयास सेहो कएलनि। ओ स्वीकार कएलनि जे बिहारमे एखन कांग्रेस कमजोर अछि। मुदा एहि लेल बेसी चिन्ता नहि करबाक अछि। ओ कहलनि जे उत्तरप्रदेशमे सेहो हम जखन प्रयास प्रारम्भ कएने छलहुँ तँ लोक हँसी उड़ौने छल। ओ जनताकेँ विश्वास देऔलनि जे किछु समए तँ जरूर लागत मुदा जमीनी स्तरक समस्या आ गाम घरक बात पटना धरि जरूर पहुँचत। ओ युवा दिस संकेत करैत कहलनि जे बिहारमे जे पछिला बीस वर्षसँ परिस्थिति बनल अछि ओकरा बदलबाक लेल आगाँ आबथि आ एकटा युवा सरकार बनाबथि। एहि लेल युवाकेँ आगाँ आनल जाएत आ थकल लोककेँ कतियाकऽ एकटा विकसित बिहार बनाओल जाएत।
कांग्रेस महासचिव एहि दौराक बाद राजनीतिक बजार गर्म होएब स्वाभाविक अछि। दरअसल एहि बेर राजनीतिक गठजोड़ आर मजगूत भऽ रहल अछि। ओना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विकासक मुद्दापर चुनाव लड़बाक बात कहि रहल छथि मुदा ओ भीतरे-भीतर महादलित आ अति पिछड़ाक रूपमे एकटा नव वोट बैंक तैयार कऽ राजद आ लोजपा गठबंधनकेँ चुनौती दऽ रहल छथि तँ दोसर दिस राजद आ लोजपाक पी एम आर वाइ समीकरणक माध्यमसँ जद यू आ भाजपाक मोकाबला करबाक स्थितिमे अछि। एहि राजनीतिक समीकरणक मध्य जे सभसँ महत्वपूर्ण भऽ गेल अछि ओ अछि सवर्ण मतदाता, जाहिपर भाजपा-जद यू आ राजद-लोजपा दुनूक अछि आ कांग्रेसक एहि वर्गमे भऽ रहल घुसपैठ दुनू गठबंधनक लेल खतराक घंटी बनि गेल अछि।
राहुल गाँधीक किछु मास पहिने भेल बिहार दौराक केन्द्रमे युवा शक्ति छल आ ओ सभ ठाम युवा सभसँ सीधा संवाद कएलनि। एकर परिणाम सेहो सोझाँ आएल अछि। बिहारमे पछिला बीस वर्षसँ घेराएल पंजा छापबला झण्डा एखन गामे-गाम देखल जा रहल अछि। एकर अर्थ ई नहि जे कांग्रेस सरकार बनेबाक स्थितिमे आबि गेल अछि। मुदा वर्तमान राजनीतिक हवा जे चलि रहल अछि आ ई चलैत रहल तँ अगिला विधान सभाक चुनावमे कांग्रेस सत्ता सन्तुलन करबाक स्थितिमे अवश्य रहत। पार्टीक सूत्रसँ जे जनतब भेटि रहल अछि ओ संकेत करैत अछि जे पार्टी आलाकमान एहि बेर गोटेक १३० सीटपर गम्भीर रूपसँ चुनाव लड़त आ बाकी बाँचल ११३ सीटपर ओ अपन शक्ति बढ़ेबाक लेल चुनाव लड़त। कांग्रेसक ई रणनीति राजग आ राजद-=लोजपाक लेल खतरा बनि सकैत अछि। ओना बेसी खतरा भाजपा आ जद यू गठबन्धनकेँ अछि। एकर परिणाम सेहो सोझाँ आबि गेल अछि। लोकसभा चुनावमे कांग्रेस कतिया गेल छल मुदा ओकर बाद भेल विधानसभाक उप चुनावमे अठारह सीटपर एसगर लड़ि दूटा सीटपर विजय प्राप्त कऽ भाजपा-जद यू केँ कतिया देलक जकर लाभ राजद आ लोजपाकेँ भेल।
बिहार प्रदेश कांग्रेसक राहुल गाँधीपर भरोसा अछि तँ राहुलक नजरि बिहारक युवापर अछि। जातिक मजगूत राजनीतिबला एहि प्रदेशमे कांग्रेसक रणनीतिक अनुरूप जातीय हवा चलल तँ एहि बेरक विधान सभा चुनावमे बिहारक युवा राहुलक लेल आगाँक रस्ता तैयार कऽ सकैत छथि।

दू वर्ष पूरा कएलक मैथिली दैनिक मिथिला समाद:
दू वर्ष पहिने कोसी क्षेत्रमे कुसहाक टूटल तटबन्धसँ भेल प्रलयक बाद एहि क्षेत्रक दशा-दिशा बदलि गेल छल तँ एहि दुर्दशाक अबाज बनि कऽ देशक पहिल मैथिली दैनिक “मिथिला समाद” सोझाँ आएल। ३१ अगस्त २००८ केँ प्रवासी मिथिला समाजक प्रयासक बाद एहि दैनिकक प्रकाशन मैथिली पत्रकारिताक एकटा नव अध्याय प्रारम्भ कएलक। एहि दैनिककेँ मैथिलीभाषीक भेटल स्नेहक बदौलति निर्बाध रूपेँ प्रकाशित होइत दू वर्ष पूरा करएमे सफलता भेटल। मैथिली पत्रकारिताक शून्यताकेँ तोड़ि मिथिलांचल आ प्रवासी मिथिला समाजक जन समस्याकेँ सोझाँ अनबाक लेल सतत प्रयत्नशील अछि। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी मैथिलीकेँ संविधानक अष्टम सूचीमे सम्मिलित कऽ सम्मान देलनि तँ पत्रकारितासँ जुड़ल कोलकाताक राजेन्द्र नारायण वाजपेयी मैथिली भाषामे ताराकान्त झाक सम्पादकीय दायित्व मिथिला समादक प्रकाशन कऽ एहि भाषाक मान बढ़ौलनि अछि।
मैथिलीमे दैनिक समाचार पत्रक प्रकाशन हो एहि लेल बिहारक राजधानी पटना आ मिथिलांचलमे कतेको बेर मंथन भेल मुदा ओकर कोनो सार्थक परिणाम एखन धरि सोझाँ नहि आएल अछि। आखिरकार प्रवासी मिथिला समाजक प्रयास सफल भेल आ मिथिला समाद डेगा-डेगी दैत दू वर्षक भऽ गेल। ओना कोनो भाषामे दैनिक पत्रक प्रकाशन कठिन काज अछि ओहूमे मैथिली भाषामे पत्र-पत्रिकाक प्रकाशन कल्पना मात्र कएल जा सकैत अछि तथापि प्रवासी मैथिल हिम्मत देखौलनि अछि। प्रवासी मैथिलक प्रयाससँ कोलकातासँ प्रकाशित दैनिक मिथिला समाद आ नव दिल्लीसँ गजेन्द्र ठाकुरक सम्पादनमे उपलब्ध ई-पत्रिका “विदेह” मैथिली पत्रकारिताकेँ आक्सीजन दऽ जीवित रखने अछि।
अल्प संसाधन आ सीमित पाठक वर्ग होएबाक बादो मैथिली भाषी प्रबुद्ध पाठकक बले ठाढ़ भेल अछि। मैथिल समाजक सुधि पाठकक स्नेहक परिणाम अछि जे एकटा गएर मैथिल एहि दैनिकक लेल संसाधन उपलब्ध करा मैथिली पत्रकारिताक भोथ भेल धारकेँ तेज कएलनि अछि आ ई मिथिलांचल आ प्रवासी मैथिल समाजक सशक्त अबाज बनबाक प्रयास कऽ रहल अछि। ज्योँ एहिना पाठकक स्नेह आ सहयोग भेटैत रहल तँ लोकतंत्रक चारिम खम्भा मजगूत होएत आ मिथिलांचलक चतुर्दिक विकासक रस्ता निकलत। संगहि मैथिली पत्रकारिताक क्षेत्रमे एकटा नव युग प्रारम्भ होएत।

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